Sushil Kumar Poems

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1.
गुरु बंदना

गुरुवर तुम्ही बता दो किसकी शरण में जायें।
चरणों में जिसके गिरकर अपनी व्यथा सुनाएं।

अज्ञान के तिमिर ने चारों तरफ से घेरा।
...

2.
A Question Mark?

The God is almighty!
Can God instruct the sun,
to rise from the west,
and to sink in the east?
...

एक यार का ब्याह था किया हमें आमन्त्र।
चलो कुमार जरूर तुम, तुमहि पढोगे मन्त्र।
तुमहि पढोगे मन्त्र, बात ये हमें सुहाती।
हमहे घर के चार भये अब पांच बराती।
...

4.
नव-वर्ष 2013 का स्वागत है!

मुख से निकले शब्द आपके,
ब्रह्म-वाक्य बन जाएँ।
सूर्य, चन्द्र, तारागण मिलकर,
कीर्ति आपकी गायें।
...

5.
बापू के प्रति

उतरे अमावस रात्रि में, हे पूर्णिमा के चन्द्रमा।
तुम थे अखण्डित-राष्ट्र की पावन सुगन्धित आत्मा।
तुमने जगायी चेतना, फूंके मृतो में प्राण भी।
होगये तनकर खडे, जीवित तो क्या निष्प्राण भी।
...

6.
नन्हा-मुन्ना एक कबाड़ी

नन्हा-मुन्ना एक कबाड़ी।
उगी न मूंछ न आई दाढ़ी।
सात साल की उम्र थी उसकी।
करे खुशामद जिसकी-तिसकी।
...

7.
First Be A Man!

zero, zero, one.
love hate none.
zero, one, two.
all can you do.
...

8.
ग़ज़ल

सब जल चुका है आग में बाकी है अब धुआं।
तुमने धुंए को आँख का काजल बना दिया।

बुझता हुआ चिराग क्या रौशन करे जहाँ,
...

राजा-राजा ऊपर बैठे, रंक-रंक सब नीचे।
आगे-आगे राजा जावें, बाकी उनके पीछे।
ज़रा बगाबत की बू आई, पकड़ ले गए राज-सिपाही,
राजा के आगे ला पटका, जैसे हो माटी का मटका,
...

10.
मजबूरी

हुजूर, माई-बाप,
ये क्या जुल्म ढ़ा रहे हैं आप।
हम दलित हरिजन,
आप का क्या ले रहे हैं.
...

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