ग़ज़ब का इश्क है ' मोहब्बत',
ये दिल की कज-अदाई है.......।
नज़ाकत-ए-पुरजोश तेरा मिजाज,
...
बिगड़ी चाल उन रातों की है बात,
फिरकी सिसकियां साये के साथ।
सारी रातें, उड़ती नींदें, आंसू हाथ,
कराहती बातें और बहती सी याद।
...
चैत्र प्रतिपदा की है ये अद्भुत महिमा,
धरती सूरज की करती पूरी परिक्रमा।
चैत्र मास शुक्ल के सूर्योदय से,
करें नव वर्ष की नव संरचना।
...
'मस्तूर! तेरे नूर का इक़बाल है, महफ़ूज़ रहना;
ऐ मेरी ग़ज़ल-चश्म, तू चश्म-ए-बद-दूर रहना।'
'तू साहिर और तेरा अफ़्सूँ, सुन हुस्न-ए-बेपरवाह;
...
जो हाथ में आया अपना है,
छोड़ो उसको जो छूट रहा।
अपना कौन यहाँ है तेरा?
गैरों से भरा ये पिंजड़ा है।
...
कशमकश भरी तेरी यादें,
तेरी आहट मेरी यादों में,
यादों का पुर-शोर समंदर,
समंदर में बिगड़ा तूफ़ान,
...
दर्द होता है,
आह सकुचाती है।
मर्द हूँ न,
आँसू कराहते हैं।
...
फ़रीब - ए - इज़हार हो तो नब्ज़ नासूर हो जाता है।
---------------------------------------------------------l
आजमाइश दर्द का था, फ़रीब-ए-इज़हार किया उसने,
...
'कहो तो, नज़्म में इबादत लिख दूँ...
हाँ कहो तो सही, मैं इबादत में तेरी... पूरी ये नज़्म लिख दूँ।' ❤️
आ रही हो क्या?
...
दुरुह है तेरा अश्क बहाना,
यूँ दिल है तेरा बाज़ार।
अक्सर आम नहीं मेरी किस्मत,
जिसमें मैं ठहरू और सुस्ताऊं।
...