ऐसा क्या लिख दूँ, कि तू वापस आ जाये!
बारिश की पहली बूँद लिख दूँ,
या सूरज की तपती धूप लिख दूँ।
साथ बिताये पलों को लिख दूँ।
...
मुझें आशिक़ बनाया तेरे प्यार ने,
दिल को जीना सिखाया मेरे यार ने,
जरूरत थी एक रौशनी की,
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Rahul kumar ek yuva lekhak hai jinka janm uttar Pradesh rajya ke sonebhadra jile me east parasi me hua tha. Inhone apni school ki siksha Adity birla intermediate college, renukoot me kiya aur inhone ne apne college R. B. S polytechnic college, Agra se pura kiya. Inka maan likhne me jyada lgta tha jiski wjh se inhone Lucknow airport me IT ki job krte huye apna writer banane ke spne ko pura karne me lge rhe aur kai sari poem aur novel likhe. Inke famous poem aur novel niche diye gye hai. Poem - mai tere pyar me pagle, Maa, Yaade, Desh bhakti, Pagle, pyar, dharm prem, barish, kaun hu mai, aisa kya likh du ki tu waps aa jaye, Noval - Maya ek anokhi prem kahani)
ऐसा क्या लिख दूँ, कि तू वापस आ जाये हिंदी कविता राहुल कुमार
ऐसा क्या लिख दूँ, कि तू वापस आ जाये!
बारिश की पहली बूँद लिख दूँ,
या सूरज की तपती धूप लिख दूँ।
साथ बिताये पलों को लिख दूँ।
या गुजरे हुये कुछ लम्हों को लिख दूँ।।
तेरे झूठे कस्मे-वादों को लिख दूँ।
या तेरे हर एक बहाने को लिख दूँ।।
ऐसा क्या लिख दूँ, कि तू वापस आ जाये ।।
सागर का वो किनारा लिख दूँ।
या आँखों से बहती जलधारा लिख दूँ।।
सड़कों पर फैले हुए, पत्तों को लिख दूँ।
या सीने में दफन दर्द को लिख दूं।
रात भर तुझसे बातें करना लिख दूं।
या मेरे खातिर घर वालों से लड़ना लिख दूँ।।
ऐसा क्या लिख दूँ, कि तू वापस आये ।।
छोटी-छोटी बातों पर लड़ जाना लिख दूँ।
फिर तेरा मुझे प्यार से मनाना लिख दूँ।।
अगर आ जाये, मेरे लफ्जों पर, किसी लड़की का नाम।
तो तेरा यूं चिढ़ जाना लिख दूँ।।
अब मुझसे और लिखा नहीं जाता।
अपने दर्द को शब्दों में बयाँ नहीं किया जाता ।।
रोते-रोते मेरी आँखें सूज गई हैं।
तेरे जाने के बाद मेरी रूह भी, मुझसे रूठ गई है।।
अब तू ही बता,
ऐसा क्या लिख दूँ कि तू वापस आ जाये ।
- राहुल कुमार
चाहु तो पूरी किताब लिख दू तुम्हारे ऊपर, मगर कोई मेरे अलावा तुम्हे पढ़े ये दिल को गवारा नहीं..! ! लेखक - राहुल कुमार
कभी सुना था की लोग प्यार में पागल हो जाते है, मगर जबसे तुमसे मोहब्बत हुयी तो पता चला, लोग प्यार में कैसे पागल हो जाते है..! लेखक - राहुल कुमार
Rahul kumar quote Suna tha log pyar me pagle ho jate hai, Magar jabse tumse mohabaat huyi, To pata chala, akhir log kaise pagle ho jate hai..! ! Author - Rahul Kumar