तिरंगा बोले Poem by Pushp Sirohi

तिरंगा बोले

🎤🇮🇳 1) तिरंगा बोले
तिरंगा बोले— चलो साथ चलो,
भारत के लिए आज आग बनो।
मिट्टी का मान— जान से बड़ा,
भारत हमारा— शान से बड़ा।
ये देश किताब नहीं, इतिहास है,
ये देश साँस नहीं, विश्वास है।
हिमालय जैसा हौसला रख,
गंगा जैसा पवित्र जज़्बा रख।
भाषा अलग, पर धड़कन एक,
धर्म अलग, पर वतन ही नेक।
जब भारत पुकारे, उठ खड़े हो,
राष्ट्र की खातिर तूफान बने हो।
तिरंगा बोले— चलो साथ चलो,
भारत के लिए आज आग बनो।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 2) जय हिंद की धुन
जय हिंद— जय हिंद— दिल से बोल,
भारत माँ की शान में डोल।
केसरिया हौसला, सफेद है सत्य,
हरा है उम्मीद, चक्र है कर्तव्य।
ये धरती वीरों की पहचान है,
ये हर शहीद का सम्मान है।
हम रुकते नहीं, हम झुकते नहीं,
भारत के बेटे कभी डरते नहीं।
युवा उठा तो देश उठे,
कर्म जगे तो भाग्य जगे।
हर हाथ में हुनर की चमक,
हर दिल में भारत की धमक।
जय हिंद— जय हिंद— दिल से बोल,
भारत माँ की शान में डोल।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 3) मेरा भारत, मेरी शान
मेरा भारत— मेरी शान,
हर दिल में तिरंगे का मान।
हम जीतेंगे— हम जीतेंगे,
भारत को हम रोशन करेंगे।
कभी सीमा पर पहरा बनकर,
कभी खेतों में गहना बनकर,
ये देश चलता है कर्म से,
ये देश चमकता है धर्म से।
ना टूटेगा भारत कभी,
ना झुकेगा भारत कभी।
एकता इसकी सबसे बड़ी,
भारत की ये जीत बड़ी।
मेरा भारत— मेरी शान,
हर दिल में तिरंगे का मान।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 4) वंदे मातरम्
वंदे मातरम्— वंदे मातरम्,
भारत माँ को नमन— नमन।
तिरंगे के रंगों में जान डालो,
अपने भारत को पहचान डालो।
ये मातृभूमि मंदिर है,
हम इसकी रौशनी हैं।
हम थकें तो भी चलेंगे,
हम रुकें तो भी जलेंगे।
हर पसीना पूजा बने,
हर मेहनत गाथा बने।
चलो शपथ उठाएँ आज—
भारत के लिए खुद बन जाएँ।
वंदे मातरम्— वंदे मातरम्,
भारत माँ को नमन— नमन।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 5) जागो भारत
जागो भारत— जागो भारत,
हर दिल में जगा दो हिम्मत।
मेहनत की आग जलाओ,
नया भारत आज बनाओ।
ये वक्त नहीं अब डरने का,
ये वक्त है आगे बढ़ने का।
जो टूटे सपने जोड़ेंगे,
हम देश को और मजबूत करेंगे।
ईमान को अपना शस्त्र बना,
कर्म को अपना मंत्र बना।
हर गली में सत्य का दीप,
हर चेहरे पर उजला गीत।
जागो भारत— जागो भारत,
हर दिल में जगा दो हिम्मत।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 6) सीमा के शेर
सीमा के शेर— भारत के वीर,
तिरंगा बोले— तुम हो तक़दीर।
जय-जय भारत, जय-जय मान,
वीरों का ये हिंदुस्तान।
वर्दी में सिर्फ कपड़ा नहीं,
माँ भारती का विश्वास है।
गोलियों से खेलते हैं हम,
क्योंकि दिल में इतिहास है।
देश की रक्षा जीवन है,
भारत का मान संजीवन है।
हम झुकते नहीं, हम रुकते नहीं,
भारत के शेर कभी थकते नहीं।
सीमा के शेर— भारत के वीर,
तिरंगा बोले— तुम हो तक़दीर।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 7) एक भारत
एक भारत— श्रेष्ठ भारत,
दिल में देश की इबादत।
भाषा अलग, पर प्यार वही,
भारत माँ की जय सही।
हम मिलकर दीप जलाएँगे,
हर दिल में भारत बसाएँगे।
नफरत की दीवार गिराएँगे,
एकता का गीत सुनाएँगे।
ये देश सभी का घर है,
ये शान सभी की है।
भारत एक मंदिर है,
और हम इसकी रौशनी हैं।
एक भारत— श्रेष्ठ भारत,
दिल में देश की इबादत।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 8) तिरंगे की धड़कन
तिरंगे की धड़कन— भारत की शक्ति,
कर्म हमारा— देश है भक्ति।
जय-जय भारत, जय अभिमान,
हम हैं भारत की पहचान।
हम मेहनत से देश बनाएँ,
हर गलत को दूर भगाएँ।
सच को अपना धर्म बनाएँ,
भारत माँ का मान बढ़ाएँ।
ये देश हमारा घर है,
और हम इसकी दीवार हैं।
भारत की शान के लिए,
हम हर हाल में तैयार हैं।
तिरंगे की धड़कन— भारत की शक्ति,
कर्म हमारा— देश है भक्ति।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 9) भारत उठेगा
भारत उठेगा— भारत बढ़ेगा,
दुनिया में झंडा ऊँचा रहेगा।
हम चलेंगे— हम जलेंगे,
भारत के लिए हम जिएँगे।
सपनों में आग रखो,
मेहनत में राग रखो।
जो रोके— उसे हटाओ,
जो जोड़े— उसे अपनाओ।
भारत का कल सुनहरा है,
बस आज को मजबूत करना है।
युवा की आँख में रोशनी रखो,
तिरंगे की शान में ज़िंदगी लिखो।
भारत उठेगा— भारत बढ़ेगा,
दुनिया में झंडा ऊँचा रहेगा।
— पुष्प सिरोही
________________________________________
🎤🇮🇳 10) माँ तुझे सलाम
माँ तुझे सलाम— भारत महान,
तेरे लिए ये जान-जहान।
तिरंगे के रंग में रंग जाएँ,
भारत माँ को नमन कर जाएँ।
तेरी मिट्टी में मेरी सांस,
तेरा नाम ही मेरी आस।
तेरी शान के आगे झुक जाएँ,
तेरी रक्षा में मिट जाएँ।
तेरा मान ही मेरा मान,
तेरी जीत ही मेरी जान।
हर दिल में तेरा उजाला रहे,
भारत माँ का परचम ऊँचा रहे।
माँ तुझे सलाम— भारत महान,
तेरे लिए ये जान-जहान।
— पुष्प सिरोही

तिरंगा बोले
COMMENTS OF THE POEM
READ THIS POEM IN OTHER LANGUAGES
Close
Error Success