1. मोहब्बत जो सुरक्षित बनाए
मैं तुझे चाहूँ इस तरह,
कि तेरा डर कम हो जाए।
मेरे पास होने से
तेरी सांसें आसान हो जाएँ।
मैं तुझे रोकूँ नहीं,
बस तेरे साथ चलूँ।
तेरी हर जीत में ताली बनूँ,
हर हार में ढाल बनूँ।
मैं मोहब्बत में
हक़ नहीं,
हौसला दूँ।
ताकि तू
खुद को खोए बिना
मेरे पास रह सके।
— पुष्प सिरोही
2. अगर प्यार ऐसा हो
मैं तुझे पाना नहीं चाहता,
मैं तुझे सुकून देना चाहता हूँ।
तेरे दिन की थकान
मैं बिना पूछे
अपने हिस्से में लेना चाहता हूँ।
मैं तुझे हर वक़्त नहीं,
हर हाल में चाहता हूँ।
तेरी खामोशी भी समझूँ,
और फिर भी
कुछ न पूछूँ।
अगर प्यार ऐसा हो,
तो शायद
हर प्रेमिका
ऐसा ही साथी चाहे।
— पुष्प सिरोही
3. मोहब्बत, जो इज़्ज़त से भरी हो
मैं तेरी आज़ादी से
कभी डरता नहीं।
क्योंकि जो दिल से चाहता है,
वो क़ैद करना नहीं जानता।
मैं तुझे भीड़ में
खोने नहीं दूँगा,
पर तुझे
अलग भी नहीं करूँगा।
मैं तेरे सपनों को
अपने कंधे पर रखूँगा,
ताकि तू
और ऊँचा उड़ सके।
— पुष्प सिरोही
4. मोहब्बत की परिपक्वता
मैं तुझे रोज़
मीठी बातें नहीं करूँगा,
पर जब दुनिया
तेरी तरफ़ उँगली उठाए,
मैं तेरे आगे
दीवार बनकर खड़ा रहूँगा।
मैं वादा कम करूँगा,
निभाना ज़्यादा।
मैं दिखावा नहीं करूँगा,
पर छोड़कर
कभी नहीं जाऊँगा।
शायद इसे ही
परिपक्व मोहब्बत कहते हैं।
— पुष्प सिरोही
5. जिस तरह मैं चाहूँ
मैं तुझे इस तरह चाहूँ,
कि तू खुद को
और ज़्यादा पसंद करने लगे।
मेरे प्यार से
तेरी पहचान
और गहरी हो जाए।
मैं तेरी हँसी की वजह बनूँ,
पर तेरी मजबूरी नहीं।
मैं तेरे साथ रहूँ,
पर तेरी राह में
रुकावट नहीं।
अगर मोहब्बत हो,
तो बस
ऐसी हो।
— पुष्प सिरोही
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